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Showing posts from September, 2018

Phool

बगिया का हर फूल गुलाब नहीं होता हर शख्स हमारी तरह बेमिसाल नहीं होता हम भी लुटा देते जिस्म-ओ-जान तेरी मोहब्बत में काश तेरा दिल यूं बेईमान ना होता...! ✍✍✍✍  मयंक जैन

Afsana

दौलत की तराजू में मत तोल मेरी मोहब्बत को अफसाने ज्यादातर वो ही लोग लिखते हैं जो गरीब होते हैं..! ✍✍✍✍  मयंक जैन

Gumnaam

हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती हर रोशनी आफताब का गोला नहीं होती मोहब्बत उनसे करो जो उसके लायक है वरना मेरी जिंदगी अंधेरों में यूं ही गुमनाम ना होती...! ✍✍✍✍  मयंक जैन