5 July 2018

Lamhe



अब मुझे किसी और के साथ की जरूरत नहीं
तुम्हारे साथ बिताए चंद लम्हें काफी है ज़िन्दगी बसर करने के लिए....


✍✍✍✍  मयंक जैन

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जो दिल की धड़कनों से समझ जाते हैं उन्हें लफ्जो की जरूरत नहीं प्यार अंधा होता है बहरा नहीं...! ✍✍ मयंक जैन