25 July 2018

Baarish

शहर-ए-इंदौर को जरूरत नहीं मौसम-ए-बारिश की
उसकी बेवफाई  के आंसू ही काफी है माहोल नम करने के लिए...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

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Lafz

जो दिल की धड़कनों से समझ जाते हैं उन्हें लफ्जो की जरूरत नहीं प्यार अंधा होता है बहरा नहीं...! ✍✍ मयंक जैन