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Showing posts from July, 2018

Baarish

शहर-ए-इंदौर को जरूरत नहीं मौसम-ए-बारिश की उसकी बेवफाई  के आंसू ही काफी है माहोल नम करने के लिए...! ✍✍✍✍  मयंक जैन

Intezaar

हम करते रहे मौत का इंतजार पर कमबख्त वो भी माशुका की तरह बेवफा निकली...! ✍✍✍✍  मयंक जैन

Ajnabi

जो हमारी मोहब्बत में कभी पागल हुआ करते थे आज हमसे मिलते है अजनबियों की तरह...! ✍✍✍✍  मयंक जैन

khafa

मेरी खता से खफा क्या हुई तुम... कि इस दिल ने धड़कना भी छोड़ दिया है...! ✍✍✍✍  मयंक जैन

Gulaam

अजीब सा जादू है उसके हुस्न में... जिस भी गली मोहल्ले से वो गुजरी हर शख्स उसका गुलाम होता चला गया...! ✍✍✍✍  मयंक जैन

Bewafai

बेवफाई के बाद भी रूवाब देखो उसका कहती हैं बदल गए हों तुम...! ✍✍✍✍  मयंक जैन

Dil

मैंने अपनी हर सांस पर तेरा नाम लिख दिया है अब अपने चाहने वालों से कह दो इस दिल की रजिस्ट्री हों गई हैं...! ✍✍✍✍ मयंक जैन

Love proposal

मेरे हर उस सवाल का जवाब हो तुम जिसे पाने घर से निकला था मैं...! ✍✍✍✍  मयंक जैन

Lamhe

अब मुझे किसी और के साथ की जरूरत नहीं तुम्हारे साथ बिताए चंद लम्हें काफी है ज़िन्दगी बसर करने के लिए.... ✍✍✍✍  मयंक जैन

Khusboo

तुझे सोचकर गुलाब को क्या छुआ मेरे सनम कि उसकी सुगंध सारे शहर में ही फैल गई... ✍✍✍✍  मयंक जैन

Husn

किन अल्फाजों में  बयां करूं तेरे हुस्न को तेरे आगे तो जन्नत की हूर भी फीकी लगती हैं ✍✍✍✍  मयंक जैन

Kirdar

हम हसीनाओं के दिलों पर राज यूं ही नहीं करते ये तो कशिश है मेरे किरदार की कि जिसने मुझे एक बार देखा बस मेरा मरीज़ हो गया ✍✍✍✍  मयंक जैन