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Dil

जब से किया तेरा दीदार बस तेरा ही हों गया हूं
अब तो मेरी परछाई भी तेरे दिल का रास्ता पूछतीं है...

✍✍✍✍  मयंक जैन

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मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन

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