21 June 2018

Be - Inteha Muhabbat

हुस्न के दरबार में हसीनाएं तो बहुत थी
पर मैंने जहां भी देखा बस तुझे ही पाया....

✍✍✍✍  मयंक जैन

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Lafz

जो दिल की धड़कनों से समझ जाते हैं उन्हें लफ्जो की जरूरत नहीं प्यार अंधा होता है बहरा नहीं...! ✍✍ मयंक जैन