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Showing posts from June, 2018

Bewafai

वो रास्ता भी तुम्हारी वेबफाई की दास्तां बयां कर रहा है
जिस पर तुम मुझे अकेला छोड़कर चलीं आईं थीं...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Khushboo

वो डायरी आज भी तुम्हारी मुहब्बत की खुशबू से महक रही है
जिसमें मैंने तुम्हारी यादों को सहेजा हुआ है... ✍✍✍✍  मयंक जैन

Husn

तेरे हुस्न ने ना जाने क्या जादू किया मुझ पर
अब ना मेरी गिनती आशिकों में होती हैं ना पागलों में

✍✍✍✍  मयंक जैन

Husn

कुछ तो कशिश जरूर रही होगी तुम्हारे हुस्न में
वरना यूं ही हर कोई तुम्हारा मुरीद नहीं होता...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Galat Fahmi

वो मुस्कुराते रहे हमारी बर्बादी देखकर
और मुझे लगा यही हमारे दरमियान मुहब्बत की शुरुआत हैं

✍✍✍✍  मयंक जैन

Jameer

अपने जमीर का कद ऊंचा रखो जनाब
वैसे तो इंसान की परछाई भी उसकी काया से बड़ी होती हैं
✍✍✍✍  मयंक जैन

Muhabbat

कैसे पर्दा कर लूं तुम्हारी यादों से
काश तुमने भी किसी से सच्ची मोहब्बत की होती...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Mahboob

तेरा भी जबाव नहीं मेरे महबूब
हुस्न-ए-इश्क के दरबार में सारे आशिक तेरे निकले...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Dil

काश ये दिल चिराग की तरह होता
जब जब इसे घिसते मेरे महबूब केवल तू ही निकलता

✍✍✍✍  मयंक जैन

Mahboob

महफ़िल तो अब रंगीन होगी जनाब
उनसे कहो उनका महबूब आया है...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Bewafai

तेरे शब्दों में भी कुछ जाना पहचाना सा ही दर्द हैं
लगता है तुझे भी मुहब्बत में बस ठोकरें ही मिली हैं...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Be - Inteha Muhabbat

हुस्न के दरबार में हसीनाएं तो बहुत थी
पर मैंने जहां भी देखा बस तुझे ही पाया....

✍✍✍✍  मयंक जैन

Nasha

अब तो मुझे किसी जाम की जरूरत नहीं
नशा जो तेरी मुहब्बत का हों गया है....
(जाम मतलब शराब)

✍✍✍✍  मयंक जैन

Pyar ka izhaar

काश तू मेरे चेहरे का नूर बन जाये
मैं तेरा कृष्ण तू मेरी राधा बन जाये
लोग कहते है प्यार में दो जिस्म एक जान हो जातें हैं
तू भी कुछ कर कि तू मेरी दिल की धड़कन बन जाये
मैं तुझे हमेशा पलकों पर बिठा के रखूंगा
दुनिया के हर झमेले से बचा कर रखूंगा
तू बस मेरी मुहब्बत को अपना लें
तू कहेंगी तो तेरे कदमों में सारी कायनात रखूंगा
काश तू मेरे चेहरे का नूर बन जाये
मैं तेरा कृष्ण तू मेरी राधा बन जाये.....

✍✍✍✍  मयंक जैन

Muskurahat

उसकी एक मुस्कुराहट पर अपनी जान लुटा देंगे
वो कहे तो उसकी पलकों पर आसमान बिठा देंगे
देना होगा यदि मुझे अपनी मुहब्बत का सबूत मयंक
तो अपने लहू का एक एक कतरा पानी की तरह बहा देंगे....
✍✍✍✍  मयंक जैन

Jageer

मेरी मुहब्बत ही मेरी जागीर है
कयामत आने से पहले उसके नाम कर दूंगा....

✍✍✍✍  मयंक जैन

Jindagi

जब से मुझे मुहब्बत क्या हुई तुझसे
मेरी जिंदगी भी एक सबाल बन कर रह गई हैं....

✍✍✍✍  मयंक जैन

Ibadat

आशिकी भी क्या चीज है यारो
जो कल तक करती थी मेरे लिए दोनों हाथों से इवादत
आज मुझे पहचानने से भी इंकार कर रही हैं....

✍✍✍✍  मयंक जैन

Ishq

अपने इश्क का सबूत तो अपनी परछाईयां भी देती हैं
जो हमारे मिलने से पहले एक हो जाया करती हैं....

✍✍✍✍  मयंक जैन

Muhabbat

दिल बिखर जाता है तेरी यादों को लेकर
काश तू भी समझती मुहब्बत होती क्या है...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Dil

जब से किया तेरा दीदार बस तेरा ही हों गया हूं
अब तो मेरी परछाई भी तेरे दिल का रास्ता पूछतीं है...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Muhabbat

तेरी मुहब्बत मेरे लिए लाइलाज़ रोग बन गया है
जिसके ना तो कोई लक्षण है और ना ही कोई दवा

✍✍✍✍ मयंक जैन

muhabbat

तुझसे मुझे मुहब्बत क्या हुई ऐ सनम
प्यार के दरबार में हम तो गुनहगार हों गयें....

✍✍✍✍ मयंक जैन

Aashiyana

मुझे तो तेरी मुहब्बत का ही आशियाना हैं
वरना हम आशिकों के घर कहा होते हैं...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Sitam

चांद की चांदनी में देंखा था तुम्हें उस रोज
क्या सितम ढा रही थी तुम उस रोज
जब पास जाके देखा तुम्हें...
तो चुड़ैल की अम्मा लग रही थी तुम उस रोज...
✍✍✍✍  मयंक जैन