26 April 2019

Prem

हर तरफ बिखेरा है तुमने अपने हुस्न का जलवा
वरना जो कल तक करते थे प्रेम नाम से भी नफ़रत
वो भी आज तेरे दीवाने हैं....

✍✍ मयंक जैन


No comments:

Post a Comment

write your view...

Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन