27 September 2018

Phool

बगिया का हर फूल गुलाब नहीं होता
हर शख्स हमारी तरह बेमिसाल नहीं होता
हम भी लुटा देते जिस्म-ओ-जान तेरी मोहब्बत में
काश तेरा दिल यूं बेईमान ना होता...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

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Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन