2 September 2018

Gumnaam


हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती
हर रोशनी आफताब का गोला नहीं होती
मोहब्बत उनसे करो जो उसके लायक है
वरना मेरी जिंदगी अंधेरों में यूं ही गुमनाम ना होती...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

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Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन