9 July 2018

Gulaam



अजीब सा जादू है उसके हुस्न में...
जिस भी गली मोहल्ले से वो गुजरी
हर शख्स उसका गुलाम होता चला गया...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

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Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन