23 June 2018

Muhabbat

कैसे पर्दा कर लूं तुम्हारी यादों से
काश तुमने भी किसी से सच्ची मोहब्बत की होती...

✍✍✍✍  मयंक जैन

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Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन