26 June 2018

Husn



तेरे हुस्न ने ना जाने क्या जादू किया मुझ पर
अब ना मेरी गिनती आशिकों में होती हैं ना पागलों में


✍✍✍✍  मयंक जैन

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Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन