29 June 2018

Bewafai



वो रास्ता भी तुम्हारी वेबफाई की दास्तां बयां कर रहा है
जिस पर तुम मुझे अकेला छोड़कर चलीं आईं थीं...


✍✍✍✍  मयंक जैन

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Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन