29 May 2018

Muhabbat

ये तो मेरी मुहब्बत का रंग था
वरना तुम भी वेवफा हों जाती...

✍✍✍✍ मयंक जैन

No comments:

Post a Comment

write your view...

Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन