28 May 2018

Kitab

अपनी आशिकी उस किताब की तरह है
जिसके कागज आज भी अपनी मुहब्बत का सबूत देते हैं....

✍✍✍✍  मयंक जैन

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Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन