27 May 2018

Dil

देखा जो पहली बार तुम्हें तो होश खो बैठा
नज़रें झुका ली तुमने तो कुछ और समझ बैठा
पाने की जो तमन्ना थी इस वजह से बैचेन हो बैठा
और तेरे ख़्वाबों को तोड़ ना दूं इसलिए अपने  दिल को ही तोड़ बैठा...

✍✍✍✍ मयंक जैन

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Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन