22 May 2018

Gulab

उसके राह का हर पत्थर गुलाब हो जाये...
जो भी उसे देखें वो उसका ख्वाब हो जाये..
उसे पाने की हसरत मे ऐसा पागल हुआ हूं मेरे दोस्त
चाहे तो मेरे रुह का हर कतरा कुर्बान हो जाये.....

✍✍✍ मयंक जैन

No comments:

Post a Comment

write your view...

Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन