31 May 2018

Khamoshi

तेरी खामोशियां भी बहुत कुछ कह देती है कभी कभी
हमेशा तेरा इजहार करना जरूरी तो नहीं....

✍✍✍✍  मयंक जैन

30 May 2018

Ishq

सही कहते हैं लोग कुछ तो बात जरूर है इश्क में
वरना यूं ही कोई मुर्दे के लिए महल नहीं बनवाता

✍✍✍✍ मयंक जैन

29 May 2018

Muhabbat

ये तो मेरी मुहब्बत का रंग था
वरना तुम भी वेवफा हों जाती...

✍✍✍✍ मयंक जैन

28 May 2018

Kitab

अपनी आशिकी उस किताब की तरह है
जिसके कागज आज भी अपनी मुहब्बत का सबूत देते हैं....

✍✍✍✍  मयंक जैन

27 May 2018

Dil

देखा जो पहली बार तुम्हें तो होश खो बैठा
नज़रें झुका ली तुमने तो कुछ और समझ बैठा
पाने की जो तमन्ना थी इस वजह से बैचेन हो बैठा
और तेरे ख़्वाबों को तोड़ ना दूं इसलिए अपने  दिल को ही तोड़ बैठा...

✍✍✍✍ मयंक जैन

Adhura khwab

तू मेरे लिए उस अधूरे ख्वाब की तरह है
जो राह-ए-मंज़िल में बिखरा हुआ है पूरा होने के लिए..

✍✍✍✍  मयंक जैन

Aashiqi

तू मेरी आशिकी का इम्तिहान मत ले ऐ सनम
मैं तेरे लिए सो बार टूटकर फिर बिखर जाऊंगा

✍✍✍✍  मयंक जैन

26 May 2018

Sawal jawab

कहते हैं कि कुछ सवालों के जवाब नहीं होते
लेकिन मेरी जिंदगी का सवाल भी तुम और जबाव भी तुम.....

✍✍✍✍✍  मयंक जैन

25 May 2018

Fitrat

मेरे सवालों के जवाब दें ऐ जिन्दगी
तेरे दर पर बार बार आना मेरी फितरत नहीं....

✍✍✍✍ मयंक जैन

Husn

तू मेरे सपनों में रोज आती हों
दिल का चैन रात की नींद उड़ाती हों
ऐसी भी क्या खता हुई हमसे
जो तुम मुझे इतना सताती हों....

जब तुम पास ना हो तो
एक पल एक साल बराबर लगता हैं
और जब पास हो तो
समय भी बेगाना लगता हैं.....

तेरे हुस्न ने मुझ पर ऐसा क्या जादू कर दिया है
कि शराब के बिना ही मुझे मदहोश कर दिया है
तेरे बिना तो अब ये ज़िन्दगी उसी प्रकार अधूरी लगती है
जैसे बिना जल के मछली तड़पती हैं.....

तू मेरे सपनों में रोज आती हों
दिल का चैन रात की नींद उड़ाती हों....

✍✍✍✍ मयंक जैन

23 May 2018

Girls


घर से लेकर कालेज तक हमेशा दहशत में रहतीं हूं
क्या यें मेरी गल्ती हैं कि मैं एक लड़का नहीं बल्कि एक लड़की हूं....
मंदिरों में भगवान के रूप में पूजी जाती हूं...
और बाहर आते ही एक पटाखा और माल कही जाती हू...
वैसे तो मुझे लक्ष्मी का स्वरूप कहा जाता है..
फिर क्यों मुझे दहेज के लिए मजबूर किया जाता हैं..
मुझे ही सरस्वती लक्ष्मी और दुर्गा कहा जाता है..
फिर क्यों मुझे मां के गर्भ में ही मार दिया जाता है..
लड़कियां देवी का रूप होती है, ये केवल इंसान की जुबान पर ही रह गया है...
और आज इंसान इंसान नहीं, जानवर से भी बत्तर हो गया है...
घर से लेकर कालेज तक हमेशा दहशत में रहतीं हूं
क्या यें मेरी गल्ती हैं कि मैं एक लड़का नहीं बल्कि एक लड़की हूं....

✍✍✍✍ मयंक जैन

22 May 2018

Muhabbat

चांद की चांदनी में यदि मैंने उसके खतों को जलाया न होता ...
तो आज मंज़र  कुछ ओर होता...
वो मेरी girlfriend होती मैं उसका boyfriend होता...
बिछड़ना तो मुहब्बत का दस्तूर है...
यदि वो आज किसी ओर की ना होती तो मैं उसके बच्चों का मामा ना होता...

✍✍✍ मयंक जैन

Khanjar

आसु छलक जाते हे आंखौ से
जब कोई अपना बेगाना हो जाता है
उसकी बेरुखी रास नही आती
जब ये दिल उसकी यादों में परवाना हो जाता है
यादों के खंजर दिल में तीर चलाते हैं
तब ये दिल तार तार हो जाता हे
ऐ कैसी मेरी मुहब्बत हे या उसका कोई जादू हे
उसकी बेवफाई के बाद भी उसका भोलापन याद आ जाता है
आसु छलक जाते हे आंखौ से
जब कोई अपना बेगाना हो जाता है...

✍✍✍ मयंक जैन

Bewafa

उसने वादा किया था मुझसे कि
आखरीं सांस तक साथ निभायगी
लेकिन जब आयी कयामत
तो बेबफा हो गई.........
✍✍✍ मयंक जैन

Pyar aur jung

दिल धड़कता हे तो धड़कने दो
धड़कने बड़ती है तो बड़ने दो
कहते हे कि प्यार और जंग मे सब जायज हे
यदि वो बफा नही करती तो उसे बेबफा ही रहने दो
मैंने जो प्यार किया उस पर इल्जाम ना लगा
यदि वो एक तरफा था तो उसे रहने दो
मेरे प्यार को ना वो समझी न तू समझेगा
यदि मैं गवार था तो मुझे गवार ही रहने दो....
ढूड़ने चला था अपने ख्वाबो की कल्पना को
बीच रास्ते मे ही छोड़ दिया उसने अब मुझे अकेला ही रहने दो.....

✍✍✍ मयंक जैन

Gulab

उसके राह का हर पत्थर गुलाब हो जाये...
जो भी उसे देखें वो उसका ख्वाब हो जाये..
उसे पाने की हसरत मे ऐसा पागल हुआ हूं मेरे दोस्त
चाहे तो मेरे रुह का हर कतरा कुर्बान हो जाये.....

✍✍✍ मयंक जैन

Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन