30 April 2019

Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम
जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी

✍✍ मयंक जैन


26 April 2019

Prem

हर तरफ बिखेरा है तुमने अपने हुस्न का जलवा
वरना जो कल तक करते थे प्रेम नाम से भी नफ़रत
वो भी आज तेरे दीवाने हैं....

✍✍ मयंक जैन


25 April 2019

Jindgi

​तेरे भी अफसाने हजार हैं ये जिंदगी
कभी किसी को सच्ची मुहब्बत से रूबरू करा देती है 
तो कभी किसी को बेवफाई से...

✍मयंक जैन


27 September 2018

Phool

बगिया का हर फूल गुलाब नहीं होता
हर शख्स हमारी तरह बेमिसाल नहीं होता
हम भी लुटा देते जिस्म-ओ-जान तेरी मोहब्बत में
काश तेरा दिल यूं बेईमान ना होता...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

11 September 2018

Afsana


दौलत की तराजू में मत तोल मेरी मोहब्बत को
अफसाने ज्यादातर वो ही लोग लिखते हैं जो गरीब होते हैं..!

✍✍✍✍  मयंक जैन

2 September 2018

Gumnaam


हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती
हर रोशनी आफताब का गोला नहीं होती
मोहब्बत उनसे करो जो उसके लायक है
वरना मेरी जिंदगी अंधेरों में यूं ही गुमनाम ना होती...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

20 August 2018

Mohabbat


सबूत ही तो नहीं है बस मेरे पास तेरी मोहब्बत का
वरना हम यूं ही खड़े नहीं होते गुनहगारों की लाइन में...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

12 August 2018

Numaish


हम नहीं करते सर-ए-बाजार अपने दिल की नुमाइश
उनसे ही पूछ लो उनकी बेवफाई की वजह क्या है....!

✍✍✍✍  मयंक जैन

3 August 2018

Jindagi

ख्वाबों में नहीं लिखी जाती जिंदगी की किताब
हकीकत से उसे रूबरू होना ही पड़ता है...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

25 July 2018

Baarish

शहर-ए-इंदौर को जरूरत नहीं मौसम-ए-बारिश की
उसकी बेवफाई  के आंसू ही काफी है माहोल नम करने के लिए...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

23 July 2018

Intezaar


हम करते रहे मौत का इंतजार
पर कमबख्त वो भी माशुका की तरह बेवफा निकली...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

18 July 2018

Ajnabi


जो हमारी मोहब्बत में कभी पागल हुआ करते थे
आज हमसे मिलते है अजनबियों की तरह...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

12 July 2018

khafa


मेरी खता से खफा क्या हुई तुम...
कि इस दिल ने धड़कना भी छोड़ दिया है...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

9 July 2018

Gulaam



अजीब सा जादू है उसके हुस्न में...
जिस भी गली मोहल्ले से वो गुजरी
हर शख्स उसका गुलाम होता चला गया...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

8 July 2018

Bewafai



बेवफाई के बाद भी रूवाब देखो उसका
कहती हैं बदल गए हों तुम...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

5 July 2018

Dil



मैंने अपनी हर सांस पर तेरा नाम लिख दिया है
अब अपने चाहने वालों से कह दो इस दिल की रजिस्ट्री हों गई हैं...!

✍✍✍✍ मयंक जैन

Love proposal



मेरे हर उस सवाल का जवाब हो तुम
जिसे पाने घर से निकला था मैं...!

✍✍✍✍  मयंक जैन

Lamhe



अब मुझे किसी और के साथ की जरूरत नहीं
तुम्हारे साथ बिताए चंद लम्हें काफी है ज़िन्दगी बसर करने के लिए....


✍✍✍✍  मयंक जैन

4 July 2018

Khusboo



तुझे सोचकर गुलाब को क्या छुआ मेरे सनम
कि उसकी सुगंध सारे शहर में ही फैल गई...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Husn


किन अल्फाजों में  बयां करूं तेरे हुस्न को
तेरे आगे तो जन्नत की हूर भी फीकी लगती हैं


✍✍✍✍  मयंक जैन

1 July 2018

Kirdar



हम हसीनाओं के दिलों पर राज यूं ही नहीं करते
ये तो कशिश है मेरे किरदार की
कि जिसने मुझे एक बार देखा बस मेरा मरीज़ हो गया

✍✍✍✍  मयंक जैन

29 June 2018

Bewafai



वो रास्ता भी तुम्हारी वेबफाई की दास्तां बयां कर रहा है
जिस पर तुम मुझे अकेला छोड़कर चलीं आईं थीं...


✍✍✍✍  मयंक जैन

Khushboo



वो डायरी आज भी तुम्हारी मुहब्बत की खुशबू से महक रही है
जिसमें मैंने तुम्हारी यादों को सहेजा हुआ है...
✍✍✍✍  मयंक जैन

26 June 2018

Husn



तेरे हुस्न ने ना जाने क्या जादू किया मुझ पर
अब ना मेरी गिनती आशिकों में होती हैं ना पागलों में


✍✍✍✍  मयंक जैन

24 June 2018

Husn




कुछ तो कशिश जरूर रही होगी तुम्हारे हुस्न में
वरना यूं ही हर कोई तुम्हारा मुरीद नहीं होता...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Galat Fahmi




वो मुस्कुराते रहे हमारी बर्बादी देखकर
और मुझे लगा यही हमारे दरमियान मुहब्बत की शुरुआत हैं

✍✍✍✍  मयंक जैन

Jameer

अपने जमीर का कद ऊंचा रखो जनाब
वैसे तो इंसान की परछाई भी उसकी काया से बड़ी होती हैं

✍✍✍✍  मयंक जैन

23 June 2018

Muhabbat

कैसे पर्दा कर लूं तुम्हारी यादों से
काश तुमने भी किसी से सच्ची मोहब्बत की होती...

✍✍✍✍  मयंक जैन

22 June 2018

Mahboob

तेरा भी जबाव नहीं मेरे महबूब
हुस्न-ए-इश्क के दरबार में सारे आशिक तेरे निकले...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Dil

काश ये दिल चिराग की तरह होता
जब जब इसे घिसते मेरे महबूब केवल तू ही निकलता

✍✍✍✍  मयंक जैन

Mahboob

महफ़िल तो अब रंगीन होगी जनाब
उनसे कहो उनका महबूब आया है...

✍✍✍✍  मयंक जैन

21 June 2018

Bewafai

तेरे शब्दों में भी कुछ जाना पहचाना सा ही दर्द हैं
लगता है तुझे भी मुहब्बत में बस ठोकरें ही मिली हैं...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Be - Inteha Muhabbat

हुस्न के दरबार में हसीनाएं तो बहुत थी
पर मैंने जहां भी देखा बस तुझे ही पाया....

✍✍✍✍  मयंक जैन

20 June 2018

Nasha

अब तो मुझे किसी जाम की जरूरत नहीं
नशा जो तेरी मुहब्बत का हों गया है....
(जाम मतलब शराब)

✍✍✍✍  मयंक जैन

19 June 2018

Pyar ka izhaar

काश तू मेरे चेहरे का नूर बन जाये
मैं तेरा कृष्ण तू मेरी राधा बन जाये
लोग कहते है प्यार में दो जिस्म एक जान हो जातें हैं
तू भी कुछ कर कि तू मेरी दिल की धड़कन बन जाये
मैं तुझे हमेशा पलकों पर बिठा के रखूंगा
दुनिया के हर झमेले से बचा कर रखूंगा
तू बस मेरी मुहब्बत को अपना लें
तू कहेंगी तो तेरे कदमों में सारी कायनात रखूंगा
काश तू मेरे चेहरे का नूर बन जाये
मैं तेरा कृष्ण तू मेरी राधा बन जाये.....

✍✍✍✍  मयंक जैन

Muskurahat

उसकी एक मुस्कुराहट पर अपनी जान लुटा देंगे
वो कहे तो उसकी पलकों पर आसमान बिठा देंगे
देना होगा यदि मुझे अपनी मुहब्बत का सबूत मयंक
तो अपने लहू का एक एक कतरा पानी की तरह बहा देंगे....
✍✍✍✍  मयंक जैन

12 June 2018

Jageer

मेरी मुहब्बत ही मेरी जागीर है
कयामत आने से पहले उसके नाम कर दूंगा....

✍✍✍✍  मयंक जैन

Jindagi

जब से मुझे मुहब्बत क्या हुई तुझसे
मेरी जिंदगी भी एक सबाल बन कर रह गई हैं....

✍✍✍✍  मयंक जैन

11 June 2018

Ibadat

आशिकी भी क्या चीज है यारो
जो कल तक करती थी मेरे लिए दोनों हाथों से इवादत
आज मुझे पहचानने से भी इंकार कर रही हैं....

✍✍✍✍  मयंक जैन

Ishq

अपने इश्क का सबूत तो अपनी परछाईयां भी देती हैं
जो हमारे मिलने से पहले एक हो जाया करती हैं....

✍✍✍✍  मयंक जैन

8 June 2018

Muhabbat

दिल बिखर जाता है तेरी यादों को लेकर
काश तू भी समझती मुहब्बत होती क्या है...

✍✍✍✍  मयंक जैन

Dil

जब से किया तेरा दीदार बस तेरा ही हों गया हूं
अब तो मेरी परछाई भी तेरे दिल का रास्ता पूछतीं है...

✍✍✍✍  मयंक जैन

6 June 2018

Muhabbat

तेरी मुहब्बत मेरे लिए लाइलाज़ रोग बन गया है
जिसके ना तो कोई लक्षण है और ना ही कोई दवा

✍✍✍✍ मयंक जैन

3 June 2018

muhabbat

तुझसे मुझे मुहब्बत क्या हुई ऐ सनम
प्यार के दरबार में हम तो गुनहगार हों गयें....

✍✍✍✍ मयंक जैन

2 June 2018

Aashiyana

मुझे तो तेरी मुहब्बत का ही आशियाना हैं
वरना हम आशिकों के घर कहा होते हैं...

✍✍✍✍  मयंक जैन

1 June 2018

Sitam

चांद की चांदनी में देंखा था तुम्हें उस रोज
क्या सितम ढा रही थी तुम उस रोज
जब पास जाके देखा तुम्हें...
तो चुड़ैल की अम्मा लग रही थी तुम उस रोज...
✍✍✍✍  मयंक जैन

31 May 2018

Khamoshi

तेरी खामोशियां भी बहुत कुछ कह देती है कभी कभी
हमेशा तेरा इजहार करना जरूरी तो नहीं....

✍✍✍✍  मयंक जैन

30 May 2018

Ishq

सही कहते हैं लोग कुछ तो बात जरूर है इश्क में
वरना यूं ही कोई मुर्दे के लिए महल नहीं बनवाता

✍✍✍✍ मयंक जैन

29 May 2018

Muhabbat

ये तो मेरी मुहब्बत का रंग था
वरना तुम भी वेवफा हों जाती...

✍✍✍✍ मयंक जैन

28 May 2018

Kitab

अपनी आशिकी उस किताब की तरह है
जिसके कागज आज भी अपनी मुहब्बत का सबूत देते हैं....

✍✍✍✍  मयंक जैन

Shatranj ka khel

मेरी जिंदगी कोई शतरंज का खेल नहीं है ऐ सनम जहां मोहरा भी तेरे हाथ में और चाल भी तेरी ✍✍ मयंक जैन